
मुजफ्फरनगर. जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी, की अध्यक्षता मे, सम्भावित बाढ़ से पूर्व तैयारी हेतु जनपद स्तर पर गठित स्टेयरिंग कमैटी की बैठक सम्पन्न हुई।उक्त बैठक में जनपद मे सम्भावित बाढ़ व सूखा को मध्यनजर रखते हुए कलेक्ट्रट सभागार मे जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष/जिलाधिकरी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता मे बाढ़ स्टेयरिंग की बैठक हुई, जिसमे ने बाढ़ के लिहाज से सवेंदनशील इलाको मे सम्भावित बाढ़ से पूर्व मे की गयी तैयारियो की समीक्षा की, साथ ही बंधो, बाढ़ चौकियो, सुरक्षित स्थलो/आश्रय स्थलो, बाढ़ के दोैरान फैलने वाली संक्रामक बीमारियो आदि के बारे मे सम्बन्धित अधिकारियो को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।जिलाधिकरी ने जनपद के चारो तहसीलो के उप जिलाधिकारी को अपने-अपने तहसीलो मे बाढ़ से पूर्व तैयारी के दृष्टिगत किये जा रहे प्रबन्धो एवं आवश्यक व्यवस्थाओ का स्थल्य निरीक्षण करते रहने का निर्दंेश दिया है तथा जनपद मे नगर पालिका/नगर पंचायत एवं अन्य क्षेत्रो के नालो की सफाई भी का कार्य समय से पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया जिससे सम्भावित बाढ़ के दौरान जलप्लावन की स्थिति न बने। महोदय द्वारा डी0पी0आर0ओ0 को निर्देशित किया कि ग्राम सभाओ मे नावो की मरम्मत का कार्य समयान्तर्गत पूर्ण कर लिया जाये एवं शत-प्रतिशत हैड पम्पो को क्रियाशील रखते हुए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाये। उन्होने सी0एम0ओ0 को बाढ़ के दौरान किसी भी संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक और जीवन रक्षक दवाओ की उपलब्धता सुनिश्चित रखे जाने का निर्देश दिया। महोदय द्वारा ड्रनेज खण्ड को अपने स्थर का सम्पूर्ण तैयारी रखने का निर्देश दिया गया एवं जनपद मे बनी तटबंधो का निरीक्षण कर लिया जाये तथा बैराज के गेटो के खुलने एवं बन्द होने की सूचना रखी जाये । उन्होने कहा कि बाढ़ आते ही राहत सामग्री वितरीत की जाये इस कार्य मे किसी की प्रकार की शिथिलता न की जाये। अधिशाीस अभियन्ता, पी0डब्लू0डी0को निर्देशित किया गया है कि सम्भावित बाढ से होने वाले सडकों आदि का भी प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराया जाये ।अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गजेन्द्र कुमार, द्वारा सभी विभागो को बाढ़ एवं सूखा आपदा प्रबन्धन योजना बनाये जाने का निर्देश दिया गया तथा यह भी निर्देशित किया गया है कि जल्द ही योजना तैयार कराकर जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को उपलब्ध कराया जाये जिससे जनपद स्तरीय बाढ़ एवं सूखा योजना तैयार की जा सके । समस्त उप जिलाधिकारी को यह निर्देश दिया गया कि अपने-अपने क्षेत्रान्तगर्त नाव-नाविक, गांेताखोर, को सूची बद्ध किया जाये तथा अस्थाई पम्पिंग सेट की सूची तैयार कर ली जाये। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को यह निर्देश दिया कि जिस तरह जनधन हानि के लिए हम तैयारी कर रहे है उसी तरह पशुओ की देखभाल हेतु समुचित तैयारी कर लिया जाये जैसे बाढ़ प्रभावित ग्रामो मे पशुओे के लिए वैक्सिनेशन का कार्य, चारे की व्यवस्था एवं आदि। शिक्षा विभाग के स्कूलो मे जा कर बच्चो को बाढ़, भूकम्प, आग आदि आपदाओ के दौरान क्या करे, क्या ना करे के बारे मे विस्तार से बताया जाये। जिससे की बच्चे किसी भी आपदा से भयभीत न हो एवं अपना बचाव कर सके। बैठक मे पुलिस अधिक्षक (टेªफिक), नगर मजिस्टेªट, वरिष्ठ कोषाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार, चिकित्सा विभाग, डेªनेज खण्ड, शिक्षा विभाग, एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियो के साथ-साथ जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकर चतुर्वेदी एवं राहत सहायक नासिर हुसैन उपस्थित रहे।

