जानसठ रोड़ स्थित एस0 डी0 कालेज आॅफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी, मुजफ्फरनगर नें छात्र/छात्राओं को रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिद्धेश्वरी पेपर प्रा0 लिमिटेड, मु0 नगर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस सहमति ज्ञापन (एमओयू) का उद्देश्य महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के कौशल विकास, इन्टर्नशिप, कैरियर एवं नौकरियों के अवसर प्रदान करने के अलावा रोजगार में वृद्वि करना भी है। इस अवसर पर कालेज सचिव श्री अनुभव कुमार की उपस्थिति में कालेज प्रतिनिधि मण्डल एवं कम्पनी के जी.एम. श्री यशपाल सिंह ने कम्पनी के निदेशक श्री दीपक कुमार, एच.आर. श्री अधिश गुप्ता एवं प्रशासनिक मेनेजर श्री नरेश कुमार विश्वकर्मा की उपस्थिति में एमओयू पर अधिकृत हस्ताक्षर किये। कम्पनी के एच.आर. अधिश गुप्ता ने कम्पनी के विषय में छात्र/छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया कि कम्पनी सबसे परिष्कृत और उन्नत मशीनरी के माध्यम से पेपर/बोर्ड निर्मित करती है। आज भारतीय कागज उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता के मार्ग में मुख्य बाधा लकड़ी के फाइबर की कमी और लकड़ी की उच्च लागत है। दोनो की अनिवार्यता को पूरा करने के लिए कम्पनी पर्यावरण के अनुकूल तरीके से कागज का निर्माण करती है। इसके साथ ही उत्कृष्ट रिफाइनिंग उपकरण डी-लिंकिंग प्लांट और रिडक्टिव ब्लीचिंग के संयोजन में पूर्णता के लिए काम करते है।
कम्पनी के निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि सिद्धेश्वरी पेपर प्रा0 लिमिटेड एग्रो और वेस्ट पेपर आधारित मल्टी लेयर्ड सेमी क्राफ्ट पेपर 22 स 28 बीएफ तथा प्रीमियम क्वालिटी डुप्लेक्स बोर्ड बनाती है। उन्होने बताया कि मुजफ्फरनगर के अलावा उत्तर प्रदेश में कम्पनी की दो और इंकाई है जिनमें कागज आधारित शोषक कागज और 16 बीएफ सेमी क्राफ्ट पेपर बनता है। उन्होने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से सभी छात्र लाभ पा सकते है। सिद्धेश्वरी पेपर प्रा0 लिमिटेड छात्रों के लिए अप्रेन्टिस, टेªनिंग, इंडस्ट्रियल विजिट आदि उपलब्ध करायेगी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव श्री अनुभव कुमार ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह एमओयू छात्र/छात्राओं के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होने बताया कि कुछ समय पूर्व भी महाविद्यालय ने कई उद्योगो के साथ एमओयू समझोता किया हुआ है। जो अध्ययनरत छात्र/छात्राओं हेतु उत्कृष्ट रोजगार अवसर उत्पन्न करा रहे है। एमओयू के माध्यम से महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के आत्मविश्वास में वृद्वि होगी। जो कि छात्र/छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए कारगर सिद्व होंगे।

