जब शनि मेष राशि में हो तो वह नीच का माना जाता है जिस कारण इसे शनिदोष भी कहा जाता है। इसके अलावा शनि शत्रु राशि का हो तो भी वह जातक को परेशान करता है। शनि, सूर्य के साथ हो और अस्त न हो रहा हो तो इन परिस्थितियों में भी शनि दोष लगता है। शनि का चंद्रमा के साथ होना भी अशुभ होता है। कुल मिलाकर जब शनि नीच राशि का हो, सूर्य या चंद्रमा के साथ युक्ति बना रहा हो या इन पर दृष्टि डाल रहा हो तो इन अवस्थाओं में शनि दोष लगता है।

पं अनिल भट्ट भारद्वाज
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