आगामी आश्विन शुक्ला पूर्णिमा शनिवार दि. 28 अक्टूबर 2023 ई. को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य होगा l यह चंद्रग्रहण भा. स्टैं. टा. के अनुसार मध्यरात्रौपरान्त 01 : 05 मिनट से मध्यरात्रौपरान्त 02 : 24 मिनट तक खंडग्रास चंद्रग्रहण की दक्षिणकोर मामूली रूप से ग्रसित होगी।

इस ग्रहण के सूतक दि. 28 अक्टूबर 2023 ई. शनिवार की शाम को 4 : 05 मिनट से नौ घण्टे पहिले शुरु हो जायेंगे l
सूतक काल भोजन – शयन – स्पर्श आदि नहीं करना चाहिए l
लेकिन रोगी, असक्त, बालक, वृद्ध और असमर्थजनों को कोई प्रतिबन्ध नहीं है l सभी देव स्थानों के पट सायंकालीन दर्शन के लिए बन्द रहेगें l
नोट : –
ग्रस्यमाने भवेत्स्नानं ग्रस्ते होमो विधीयते।
मुच्यमाने भवेद् दानं मुक्ते स्नानं विधीयते ।।
अर्थात् ग्रहण शुरु होने से पहले स्नान, ग्रहण के समय हवन, दान करना तथा ग्रहण की निवृत्ति होने पर पुनः स्नान करना चाहिए l क्योंकि ग्रहण समाप्ति के पश्चात् स्नान करने से ही सूतक की निवृत्ति होती है l
विशेष निर्देशन : –
जिन महिलाओं के उदर में शिशु पल रहा हो, उन्हें चाकू आदि से फल – सब्जी, कैंची से वस्त्रादि नहीं काटने चाहिए, तथा सोना भी नहीं चाहिए l बल्कि ग्रहणकाल को ईश्वर की आराधना में व्यतीत करें l क्योंकि प्रकृति के विरुद्ध आचरण का दुष्प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है l दुष्प्रभाव की निवृत्ति के लिए सत्याचरण, उदर पर गेरू का लेपन तथा सिर पर साड़ी का पल्ला ओढ़ना चाहिए l दान देना व यज्ञादि कर्म करने चाहिए l
ग्रहण का फल : –
मेष, कर्क, वृश्चिक, मीन राशि वालों को अशुभ फल कारक, वृष, कन्या, कुम्भ राशि वालों को मध्यम फल कारक, तथा मिथुन, सिंह, तुला, धनु और मकर राशि वालों को शुभ फल कारक रहेगा l
शरद् पूर्णिमा व्रत व सत्यनारायण व्रत दि. 28 अक्टूबर 2023 ई. शनिवार को होगा l व्रत का पारणा शाम को 4 बजे तक कर लेवें।
