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केमद्रुम दोष एवं उपाय

यदि जन्म कुंडली में चन्द्रमा किसी भी भाव में अकेला बैठा हो, उससे आगे और पीछे के भाव में भी कोई ग्रह न हो तो केमद्रुम दोष बनता है। केमद्रुम दोष में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से हमेशा परेशान होता है। उसके जीवन काल में अनेक उतार-चढ़ाव आते हैं। यदि किसी भी जन्म कुंडली में केमद्रुम दोष हो एवं इसके साथ-2 अन्य राज योग भी हों तो यह दोष उन् राजयोगों के शुभ प्रभावों को भी नष्ट कर देता है।

केमद्रुम दोष एवं उपाय

सोमवार का व्रत रखें। सोमवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध और काले तिल मिश्रित जल का अभिषेक करें व ॐ सौं सौमाय नमः मंत्र का जाप करें।

सोमवार को सफ़ेद चीजों (चावल, दूध, सफ़ेद फूल, वस्त्र, कपूर, मोती, रत्न) का दान किसी सुपात्र व्यक्ति को करें।

अपने घर में कनकधारा यन्त्र को स्थापित कर नित्य उसके आगे कनकधारा स्तोत्र का ३ बार पाठ करें।

दाहिने हाथ की कनिष्टिका ऊँगली में सवा सात रत्ती का मोती रत्न चांदी की अंगूठी में शुक्ल पक्ष के सोमवार को धारण करें।

पूर्णिमा का व्रत रखें।

पं. अनिल भट्ट भारद्वाज
मुजफ्फनगर
फोन 6395659946

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