
मुजफ्फरनगर। खतौली के पूर्व पालिकाध्यक्ष पारस जैन ने रूडकी रोड स्थित एक रेस्टोरेन्ट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि जनपद के जिलाधिकारी ने जांच समिति की आख्या से संतुष्ट होते हुए खतौली के नवनिर्वाचित शाहनवाज लालू का जाति प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। भाजपा नेता पारस जैन ने कहा कि अब शासन के उपर लोगों की निगाहें लगी है। कि वह इस प्रकरण मे क्या निर्णय लेता है। जिला प्रशासन ने पूरे प्रकरण को शासन को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण मे त्वरित निर्णय होने से यह मिथक टूट गया है कि चुनावी याचिकाएं पांच साल तक से अधिक समय तक भी लम्बित पडी रहती हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला अभी कोर्ट मे भी विचाराधीन है और यदि उन्हे इन्साफ पाने के लिए हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट मे भी जाना पडा तो भी वे पीछे नही हटेंगे। उन्होंने मंाग रखी कि शाहनवाल लालू के प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किए गए अन्य प्रमाण पत्र भी तुरन्त निरस्त किए जाए। इसके अतिरिक्त धोखाधडी और 420 के आरोप मे उन कर्मचारियों पर भी कार्यवाही की जाए जिन्होंने यह प्रमाण पत्र जारी किए थे। पारस जैन का कहना है कि शाहनवाज लालू तीन पीढीयों मे पहले ऐसे सक्ष है। जिन्होने चुनाव लडने की खातिर अपनी मूल जाति को ही बदल डाला। जो कि अपने आप में विचारणीय बिन्दु है। उन्होने कहा कि शाहनवाज लालू से चुनाव का सारा खर्च वसूला जाए।

