विशेषांक- अति पवित्र पावन धर्म ग्रंथों ( विद्वानों) की वाणी राष्ट्रभक्ति की निर्मल धारा – पंडित धर्मराज यज्ञनारायण भट्ट जी| पवित्र पावन भारतीय संस्कृति- श्री सत्य सनातन धर्म अर्थात् हिंदुत्व…
Category: ज्योतिष ज्ञान मंथन
पितृदोष से होने वाली हानिया
पितृदोष से होने वाली हानिया यदि किसी जातक की कुंडली में पितृदोष होता है तो उसे अनेक प्रकार की परेशानियां, हानियां उठानी पड़ती हैं। घर में कलह, अशांति रहती है।…
श्री मन्दिर ठाकुरद्वारा मुनीम कालोनी मेंश्रीमद् भागवत कथा परम पूज्य कथा व्यास श्री बिजेंदर् मिश्रा जी महाराज के श्री मुख से अमृत वर्ष दिनांक 14-9- 2024 शनिवार से 20-9-2024 शुकवार तक समय प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजेश्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में राष्ट्रीय कथा वाचक श्री बिजेन्द्र मिश्रा जी महाराज जी ने बामन भगवान् राजा बली एव्ं श्री राम जन्म एव्ं श्री कृष्णा जन्म का बहुत ही सरल मै एव्ं प्रसंन्चित् प्रसंग सुनाया जिस प्रसंग को सुनकर सभी भक्तगण उत्साहित हुए जिसके आयोजक यश कुमार गोयल चीनू चाचा जी हैं
हिंदू संगठन, विश्व हिंदू परिषदसनातन धर्म के लिए सनातन धर्म कार्य जारी है, इस वर्ष विश्व हिंदू परिषद का 60वां पूर्ण वर्ष (षष्ठी स्थापना) समापन वर्ष हो रहा है, जैसा कि आप सभी जानते हैं। जन्माष्टमी कृष्ण के दिन सन् 1964 में हुई थी, इस उपलक्ष में विश्व हिंदू परिषद ने अपना षष्ठी उद्घोष वर्ष एवं विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस मनाया जा रहा है, (24/08/2024) से (01/09/2024) की तारीख मध्य फिरेगा, पूरे प्रदेश में अपने जिले लक्ष्मीनगर (मुजफ्फरनगर) में 300 स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वीरेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद
रिपोर्टः पं.सतीश कौशिक मुजफ्फनगर
धर्म संसार: धर्मों रक्षति रक्षित::
धर्मो रक्षति रक्षितः एक लोकप्रिय संस्कृत वाक्यांश है जोअति प्राचीन महाग्रन्थ महाभारत और मनुस्मृति में स्पष्ट रूप से मिलता है! इसका अर्थ है कि “धर्म की रक्षा करने पर वह…
🥁🥁🥁🥁🥁🥁🥁🐎🐎🐎🐎🐎🐎🐎🐘💂🏻♂💂🏻♂💂🏻♂💂🏻♂💂🏻♂💂🏻♂💂🏻♂🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🚩 राजाओं की तरह पूजे जाते है जो देव; व अपने भक्तो कि सबसे पहले सुनते है वो है देवा दि देव; जो हैं असुरो के तो प्रिय साथ मे देवता भी तरसते है जिसके दर्शन के लिए । 🚩🔱 ऐसे कालो के काल बाबा महाँकाल महाराज के दर्शन कर जीवन को तृप्त कीजिये क्योकि हर किसी के नसीब में नही होते हैं दर्शन करना मेरे महाँकाल के ।।🔱
अवन्तिकापुरिश्वर मृत्युलोकाधिपति स्वम्भू ज्योतिर्लिंग दक्षिणाभिमुखी श्री महाकालेश्वर बाबा हजुरको चरणमा कोटि कोटि प्रणाम ।। ॐ मृत्युजय महादेव त्राहिमां शरणागतम |जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितं कर्म बंधनः || ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…
