धर्म आस्था 🌺🙏त्रयंबकेश्वर महादेव,नासिक, महाराष्ट्र

त्रयम्बकेश्वर मंदिर का रहस्य एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जो भारत में नासिक शहर से 28 किलोमीटर और नासिक रोड से तकरीबन 40 किलोमीटर दूर त्रयम्बकेश्वर तहसील के त्रंबक शहर…

🌺जय माँ राजराज राजेश्वरी 🌺

शुक्र ग्रह प्रभाव एवं उपाय शुक्र भी दो राशिओं का स्वामी है, वृषभ और तुला। मौज मस्ती,घूमना फिरना,दोस्त मित्र इसके प्रमुख लक्षण है। कुंडली में शुक्र के अशुभ प्रभाव में…

पुराणों में कहा गया है —विप्राणांयत्रपूज्यंतेरमन्तेतत्रदेवता । जिस स्थान पर ब्राह्मणों का पूजन हो वहाँ देवता भी निवास करते हैं। अन्यथा ब्राह्मणोंकेसम्मान के बिना देवालय भी शून्य हो जाते हैं । इसलिए ……. ब्राह्मणातिक्रमोनास्तिविप्रावेदविवर्जिताः ।। श्रीकृष्ण ने कहा – ब्राह्मण यदि वेद से हीन भी हो, तब पर भी उसका अपमान नही करना चाहिए। क्योंकि तुलसी का पत्ता क्या छोटा क्या बड़ा वह हर अवस्था में कल्याण ही करता है।ब्राह्मणोस्यमुखमासिद्…… वेदों ने कहा है की ब्राह्मणविराटपुरुषभगवान के मुख में निवास करते हैं। इनके मुख से निकले हर शब्द भगवान का ही शब्द है, जैसा की स्वयं भगवान् ने कहा है कि ,विप्रप्रसादात्धरणीधरोहमम् विप्रप्रसादात्कमलावरोहम।विप्रप्रसादात्अजिताजितोहम् विप्रप्रसादात्मम्रामनामम्, ब्राह्मणोंके आशीर्वाद से ही मैंने धरती को धारण कर रखा है। अन्यथा इतना भार कोई अन्य पुरुष कैसे उठा सकता है, इन्ही के आशीर्वाद से नारायण हो करमैंने लक्ष्मी को वरदान में प्राप्त किया है, इन्ही के आशीर्वाद से मैं हर युद्ध भी जीत गया और ब्राह्मणोंकेआशीर्वाद से ही मेरा नाम राम अमर हुआ है,अतः ब्राह्मणसर्वपूज्यनीय है। और ब्राह्मणोंकाअपमान ही कलियुग में पाप की वृद्धि का मुख्य कारण है।🌹🙏जय श्री परशुराम🙏🌹

धर्म-संसारः धर्मो रक्षति रक्षितः!

विशेषांक-विश्व का सर्वोत्तम महापर्व – श्रावण कावड़ मेला महापर्व श्री सत्य सनातन धर्म संस्कृति अर्थात् हिंदू धर्म संस्कृति का महत्वपूर्ण महापर्व श्री श्रावण कावड मेला का आरंभ सावन के पवित्र…

🙏🙏 हर हर महादेव 🙏🙏

ज्योतिष मंथन आओ जाने 🌹हमारे-आपके जीवन में मंत्र-जाप का प्रभाव🌹 🔅👉12 राशियों में 9 ग्रहों के विचरने से 108 प्रकार की शुभ-अशुभ स्थितियों का निर्माण होता है, जो हर मानव…

धर्म-संसारः धर्मो रक्षति रक्षितः!

[विशेषज्ञ- जानिए आपकी अनमोल विरासत ऋषि पं0 वाग्भट्ट जी, भारतीय परंपरा में पौराणिक समय से ही ऋषि, मुनि से लेकर आम लोग स्वस्थ और निरोगी जीवन के लिए आयुर्वेद और…

यज्ञोपवीत – धारण विधि

यज्ञोपवीत धारण करें । यदि मल – मूत्र का त्याग करते समय यज्ञोपवीत कान में टांगना भूल जाएं तो नया बदल लें नए यज्ञोपवीत को जल द्वारा शुद्ध करके ,…

🌺🙏जय माँ राज राजेश्वरी 🌺🙏प्रेत श्राप एवं उपायकिसी व्यक्ति की कुंडली में यदि पंचम भाव में शनि तथा सूर्य हों और सप्तम भाव में कमजोर चंद्रमा स्थित हो तथा लग्न में राहु, बारहवें भाव में गुरु हो तब प्रेत श्राप के कारण वंश बढ़ने में समस्या आती है. यदि कोई व्यक्ति अपने दिवंगत पितरों और अपने माता-पिता का श्राद्ध कर्म ठीक से नहीं करता हो या अपने जीवित बुजुर्गों का सम्मान नहीं कर रह हो तब इसी प्रेत बाधा के कारण वंश वृद्धि में बाधाएँ आ सकती हैं.

प्रेत श्राप शांति के उपाय प्रेत शांति के लिए भगवान शिवजी का पूजन करवाने के बाद विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराना चाहिए. ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र, फल, गोदान आदि उचित दक्षिणा…

🙏🙏 हर हर महादेव 🙏🙏

💐👉 आज ➡️03 जुलाई 2023 सोमवार* गुरु पूर्णिमा है । जिसे आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरु की पूजा की जाती है। साधारण भाषा…

🌺जय माँ राजराजेश्वरी 🌺

मंगल दोष के व्रत के लिए अगर कुण्डली में मंगल दोष का निवारण ग्रहों के मेल से नहीं होता है तो व्रत और अनुष्ठान द्वारा इसका उपचार करना चाहिए. मंगला…