प्रेस -विज्ञप्तिआज दिनांक 16.05.2023, दिन मंगलवार को ‘मेरा वजूद फाउण्डेशन’ के तत्वाधान में होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में महिला एवं बालिका स्वच्छता जागरूकता व बालविवाह रोकने हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सुश्री निहारिका बालियान, डॉ0 राजीव कुमार चेयरमैन, बाल कल्याण समिति, डॉ0 प्रवेन्द्र दहिया चेयरमैन मेरा वजूद फाउण्डेशन एवं प्रधानाचार्य द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।सुश्री निहारिका ने महिला एवं बालिका स्वच्छता के विषय में बोलते हुए बताया कि वैसे तो हम आधुनिक युग में जी रहे है लेकिन अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों एवं कुछ शहरी क्षेत्रों में बालिकाओं में मासिक चक्र से जुडी स्वच्छता एवं सम्बन्धित जानकारी का संकोचवश, परामर्श न करने का अभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण उनमें बहुत सारी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है यहां तक कि यूटरेस कैंसर तक का खतरा बना रहता है। मासिक चक्र में हाइजीन रहने के लिए बालिकाओं को अच्छे सैनेटरी पैड का प्रयोग करना चाहिए, जिससे वे बहुत सारी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से छुटकारा पा सकती है। कुछ बालिकाएं जानकारी के अभाव में मासिक चक्र में आज भी कपडे का इस्तेमाल करती है, जिससे इंन्फेकशन होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि इस्तेमाल किये गये सैनेटरी पैड को इधर-उधर फेंकना या टॉयलेट में फलस नहीं करना चाहिए क्योंकि फलस करने से टॉयलेट ब्लॉक हो जाते है और आस-पास बैक्टिरिया होने के चान्स बढ जाते है, उसे प्रोपर डस्टबीन में डाले जिससे कि किसी दूसरे को भी संक्रमण जैसी बीमारियां न हो। विद्यालयों के महिला टॉयलेट्स के पास सैनेटरी पैड बॉक्स होने चाहिए जिससे आवश्यकता पडने पर बालिकाएं निसंकोच उसका उपयोग कर सके। यदि महिला शौचालय में सैनेटरी पैड बॉक्स नहीं है तो सम्बन्धित महिला शिक्षक से छात्राएं निसंकोच सम्पर्क कर सकती है। आज के समाज में महिलाओं को समानता का दर्जा प्राप्त है इसलिए स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई भी समस्या होने पर बालिकाएं अपने माता-पिता एवं अपने बडे भाई-बहन से बातें करने में बिल्कुल भी संकोच न करें। इस कार्यशाला में उन्होंने बालिकाओं से कुछ प्रश्न पूछे जिसका वंशिका, वर्तिका, वाणी ने बेझिझक जवाब दिया।इसी कडी में डॉ0 राजीव कुमार ने बाल विवाह जागरूकता के विषय में बताया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित आयु लडकों के लिए 21 वर्ष तथा लडकियों के 18 वर्ष से पहले विवाह करना बाल विवाह है तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह गैर-कानूनी है तथा दण्डनीय अपराध है जिसमें बाल विवाह करवाने वाले सभी लोगों को दो वर्ष का कारावास या 1 लाख तक का जुमार्ना अथवा दोनों हो सकते है। उन्होंने बताया अपने आस-पास ऐसी कोई घटना होने की स्थिति में आप स्थानीय पुलिस, आपातकालीन पुलिस सेवा 112 और महिला हेल्प लाईन 181 तथा चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 को सूचना दें, ताकि समय पर हस्तक्षेप करके बाल-विवाह को रूकवाया जा सके।इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा मेरा वजूद फाउण्डेशन के चेयरमैन डॉ0 प्रवेन्द्र दहिया ने बाल विवाह से जीवन में होने वाली बाधाओं से अवगत कराया और बालविवाह एक कुरिति के सम्बन्ध में विचार व्यक्त किये। अन्त में मेरा वजूद फाउण्डेशन के तत्वाधान में महिला एवं बालिका स्वच्छता जागरूकता एवं बालविवाह रोकने हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेने वाली बालिकाओं द्वारा प्रश्नों के उत्तर देने पर उन्हें अतिथियों, प्रबन्धक, चैयरमेन रीटा दहिया एवं शिक्षिकाओं द्वारा पुरस्कृत किया गया तथा डॉ0 प्रवेन्द्र दहिया, डॉ0 राजीव कुमार एवं निहारिका बालियान द्वारा बच्चों शपथ दिलवाई गयी कि ‘‘मैं शपथ लेती हूं कि मैं बाल विवाह नहीं करूंगी और न ही किसी को करने दूंगी और मैं यह भी शपथ लेती कि सामाजिक बुराई जड से मिटा दूंगी।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं रजनी शर्मा, रीना चौहान, इन्दु सहरावत का पूर्णतया सहयोग रहा।

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