
पितृ दोष एवं उपाय
ज्योतिष में पितृदोष का बहुत महत्व बताया गया है. प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में पितृदोष सबसे बड़ा दोष है। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति का जीवन अत्यंत कष्टमय हो जाता है। जिस व्यक्ति को यह दोष होता है उसे धन के अभाव से लेकर मानसिक क्लेश तक का सामना करना पड़ता है।
पितृ दोष मुक्ति के उपाय
प्रातः सूर्य नमस्कार करें एवं सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल का अर्घ्य दें।
पूर्णिमा को चांदी के लोटे से दूध का अर्घ्य चंद्र देव को दें, व्रत भी करें।
बुजुर्गों या वरिष्ठों के चरण छू कर आशीर्वाद लें।
‘पितृ दोष शांति’ यंत्र को अपने पूजन स्थल पर प्राण प्रतिष्ठा द्वारा स्थापित कर, प्रतिदिन इसके स्तोत्र एवं मंत्र का जप करें।
पितृ गायत्री मंत्र द्वारा सवा लाख मंत्रों का अनुष्ठान अर्थात् जप, हवन, तर्पण आदि संकल्प लेकर विधि विधान सहित करायें।
अमावस्या का व्रत करें तथा ब्राह्मण भोज, दान आदि कराने से पितृ शांति मिलती है।
पं. अनिल भट्ट भारद्वाज
जय माँ वैष्णवी ज्ञान भक्ति ज्योतिष संस्थानम मुजफ्फनगर उत्तरप्रदेश दूरभाष 8475008225
