🌹👽सावधान👽🌹
(विषय- एकादशी का श्राद्ध..!)

👽👉 *कुछ गलत लोग माथे पर तिलक लगाकर व गले में माला- जनेऊ इत्यादि पहनकर अर्थात ब्राह्मण वेष धारण करके यूट्यूब/ व्हाट्सएप/फेसबुक इंस्टाग्राम इत्यादि मीडिया चैनलों पर गलत वीडियो डाल रहे हैं। जिनको शास्त्रों की पूर्ण रूप से जानकारी नहीं है वे हमारे शास्त्रों पर अनर्गल वीडियो पोस्ट करते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहे।
🔱👉 *आज हमें ग्रुप के कुछ व्यक्तियों ने ऐसे ही कुछ वीडियो व्हाट्सएप किये है। जिसमें तथाकथित कुछ व्यक्ति द्वारा ब्रह्मण वेष धारण करके एकादशी श्राद्ध की तिथि पर श्राद्ध नहीं निकालने की गलत सलाह दी जा रही है। और एकादशी का श्राद्ध एकादशी तिथि को नहीं निकाल कर द्वादशी तिथि को निकालने के लिए कहा जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है, ऐसे वीडियो से सावधान रहें।
😎👉 *इस बार एकादशी का श्राद्ध एवं व्रत 28 सितंबर 2024, शनिवार को रखा जाएगा। अश्वनी माह कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है।
🔱👉 *पितृ पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी के व्रत का बड़ा महत्व है। शास्त्रों में पितरों के उद्धार के निमित्त इस व्रत को विधिपूर्वक करना बताया गया है।
➡️ *शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को रखने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और पितरों का मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
🌷शास्त्र मत के अनुसार सत्य क्या है आईए जानते हैं🌷
🔥👉 *श्राद्ध के बारे में शास्त्र कहता है कि व्यक्ति का जिस तिथि पर अवसान होता है उस तिथि पर श्राद्ध निकाला जाता है। क्योंकि श्राद्ध में जब संकल्प लेते हैं तो व्यक्ति का जिस तिथि पर अवसान हुआ था उस तिथि का संकल्प लिया जाता है। अर्थात श्राद्ध में तिथि के संकल्प का भी जिक्र होता है।
➡️ *और जब किसी व्यक्ति की एकादशी तिथि ही अवसान तिथि है, तो फिर श्राद्ध संकल्प द्वादशी तिथि पर कैसे लिया जा सकता है..? अतः ध्यान रहे जिस तिथि पर व्यक्ति का अवसान हुआ है उसी तिथि पर श्राद्ध निकाला जाता है।
🔥👉 *शास्त्रों में श्राद्ध निकालने के बहुत से तरीके बताए गए हैं। एकादशी तिथि पर आप बिना अन्न के भी श्राद्ध निकाल सकते हैं। अर्थात फलाहार वस्तुओं से साथ श्राद्ध निकाला जा सकता है//
➡️ *श्राद्ध में विशेष कर जल तर्पण व पिंडदान का भी विशेष महत्व होता है अतः एकादशी तिथि के दिन आप- तिल/ मावे के लड्डू/ कुट्टू के आटा/ सिंघाड़े का आटा इत्यादि वास्तुओ से भी पिंडदान किया जा सकता है।
🔥👉 *फलाहार में काफी ऐसी वस्तुएं हैं जिसे आप भोजन में शामिल करके श्राद्ध निकाल सकते हैं। जैसे कुट्टू का आटा/ सिंघाड़े का आटा/ फल/मेवा/ दूध/ दूध से बनी हुई वस्तुएं//
➡️ *आप किसी सात्विक व योग्य ब्राह्मण को सुखा आटा/ दाल/घी /शक्कर/ फल/ सब्जियां/ वस्त्र/ दक्षिणा इत्यादि देकर भी श्राद्ध संपन्न कर सकते हैं//
🔥👉 *आप सबसे पहले जो गाय के लिए निकलते हैं उसमें हरा चारा गुड़ भी ले सकते हैं और जो भी आपने घर में पकाया है वह गाय को खिला सकते हैं//
➡️ *ध्यान रहे- जिस व्यक्ति का जिस तिथि फर अवसान हुआ है, उस तिथि को श्राद्ध निकाला जाना चाहिए। गलत तिथि पर श्राद्ध निकालने पर उस व्यक्ति का श्राद्ध अधूरा रह जाता है//
🌹🌹 *हमारी सनातन संस्कृति- परंपरा बहुत वैज्ञानिक भी है और सरल भी है। हमारे शास्त्रों में श्राद्ध निकालने के बहुत से तरीके बताए गए हैं जिससे व्यक्ति आसानी से श्राद्ध संपन्न कर सकता है//
👽➡️ *सावधान रहे👉 गूगल/ यूट्यूब/ फेसबुक/ इंस्टाग्राम पर काफी लोग गलत वीडियो डालते हैं, उनसे सावधान रहें। शास्त्रों को समझें और उसके हिसाब से ही कार्य को संपन्न करें। गलत वीडियो को आगे शेयर ना करें, उसे वहीं पर विराम दें। जिससे कि सनातन संस्कृति व परंपराओं की हानि होने से बच सके। धन्यवाद।
🌹🙏ॐ पितृ देवतायै: नम:🙏🌹
