मुजफ्फरनगर। प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी ने गुरूवार को सोल्जर बोर्ड में आयोजित हुई सैनिक बंधु मीटिंग में अपने स्वर्गीय पिता भूतपूर्व सैनिक राजपाल सिंह की पेंशन निर्धारण नहीं होने का मसला पुरजोर तरीके से उठाया और इसके निस्तारण की मांग की। उनके पिता ने देश के लिए दो जंग लड़ी, जिसमें वो घायल हुए।
प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में बताया कि आज उनको जानकारी मिली थी कि भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों से मिलकर समस्याओं के निस्तारण करने के लिए सोल्जर बोर्ड परिसर में सैनिक कल्याण बंधु मीटिंग की जानकारी मिली, जिसमें वो पहुंचे थे, यहां आकर हमने कर्नल राजीव चौहान के समक्ष अपने पिता जी राजपाल सिंह से जुड़ी समस्या को रखा है। हमारे पिता राजपाल सिंह निवासी गांव कादीपुर तहसील जानसठ, भारतीय सेना में एसडब्ल्यूआर आर्म्ड के पद पर कार्यरत थे और उनका पर्सनल आर्मी नम्बर-1031957 ;ैॅत्द्ध है और वो 13 अक्टूबर 1961 में सेना में भर्ती हुए तथा 17 अगस्त 1967 को उनको सेना से डिस्चार्ज किया गया, क्योंकि साल 1965 की पाकिस्तान के साथ हुई लड़ाई में वो ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल हो गये थे और वीर अब्दुल हमीद द्वारा दूसरे सैनिकों के सहयोग से उनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अब्दुल हमीद वापस रणभूमि पर गये और देश की आन के लिए शहीद हो गये। उन्होंने अब्दुल हमीद की शहादत को प्रणाम करते हुए उनका आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि देश के लिए अनेक लड़ाई लड़ने वाले उनके पिता के सेना से रिटायर्ड होने के बाद परिवार को न्याय नहीं मिला और उनकी पेंशन आदि देयकों का निर्धारण व भुगतान नहीं हो पा रहा है। मनीष चौधरी ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद उनके पिता को 20 बीघा कृषि भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था। इसके लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ने भी आदेश जारी कर दिये थे, लेकिन पटवारी द्वारा नामांतरण के लिए 50 रुपये बतौर रिश्वत मांगे जाने पर पिता जी से पैसा नहीं मिलने पर पटवारी ने दस्तावेजों में खेल कर दिया, जिससे भूमि उनकेा आवंटित नहीं हो पाई। इसके लिए ही आज हमने यहां आकर अपनी बात कर्नल राजीव चौहान के सामने रखी। माता जी से भी कर्नल साहब बातचीत कर पूरा रिकॉर्ड इकट्ठा है और भरोसा दिया कि वो इस मामले को सेना मुख्यालय तथा सरकार तक पहुंचाने का काम करेंगे।
गौरवशाली देशभक्त सैनिक संस्था के अध्यक्ष सूबेदार मेजर धर्मपाल सिंह ने कहा कि सैनिक बंधु मीटिंग थी, जो प्रत्येक माह होती है, इसमें अनेक प्रकार की समस्या प्रशासन से भी जुड़ी थी। कर्नल राजीव चौहान के सामने हमने उनको उठाया, कुछ समस्याओं का समाधान भी कराया गया है। लम्बित मांगों का जल्द ही समाधान कराने का आश्वासन दिया गया है। मनीष चौधरी के पिता राजपाल सिंह ने भारतीय सेना के आर्म्ड कोर में भर्ती हुए थे। उन्होंने 1962 और 1965 की जंग में सक्रिय भूमिका निभाई, जंग में घायल होने के कारण मेडिकल बोर्ड के कारण वो सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उनका पेंशन निर्धारण आवंटित भूमि नहीं हो पाया और कुछ वर्ष पहले उनका स्वर्गवास हो गया। आज उनकी समस्या का संज्ञान लिया गया है और परिवार को पूरा भरोसा दिया गया है कि इसका जल्द निस्तारण कराया जायेगा।
सैनिक बंधु मीटिंग में सोल्जर बोर्ड के प्रभारी अधिकारी कर्नल राजीव चौहान ने बताया कि प्रत्येक माह भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवार के लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रयास होते हैं। यहां आई अनेक समस्याओं को प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेषित किया जाता है। जो समस्याएं उठाई गई हैं, उनका निस्तारण उचित माध्यम से कराया जायेगा।इस दौरान गौरवशाली देशभक्त सैनिक संस्था के पदाधिकारी सूबेदार मेजर धर्मपाल सिंह, नायब सूबेदार ब्रह्मानंद ठाकुर, नायब सूबेदार सतपाल त्यागी, नायाब सूबेदार महिपाल सिंह, सूबेदार मेजर विजय कुमार शर्मा, सूबेदार प्रेमचंद, रतिराम सैनिक, विनोद कुमार कैप्टन, सुखबीर सैनिक, चमन सिंह हवलदार, घसीटा खान नायक, चंद्र रूप सैनिक सहित अन्य लोगों ने पहुंचकर यहां पर भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं को उठाया और निस्तारण की मांग की।

