मुजफ्फॅरनगर। यज्ञ और योग भारतीय संस्कृति के प्राण हैं। उक्त विचार भारतीय योग संस्थान के निशुल्क योग साधना केंद्र ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाई स्कूल मुजफ्फरनगर में संस्थान के प्रदेश कार्यकारणीय सदस्य योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य के जन्मदिन पर यज्ञ करते हुए यज्ञ के ब्रह्मा यज्ञ आर्य ने व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से हवन की अग्नि ऊपर की ओर जाती है ठीक उसी प्रकार से हमारा कर्तव्य बनता है कि यह मानव जीवन पाकर हम भी अपनी आत्मा की उन्नति करें। इस प्रकार से यज्ञ और योग के द्वारा अपने आप को जान कर ईश्वर उपासना करते हुए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने बताया कि ईश्वर सर्व व्यापक, सर्व अंतर्यामी, निराकार, अजर, अमर और सृष्टि का निर्माण करता है हमें ईश्वर की ही उपासना करनी चाहिए ।इस अवसर पर यज्ञ के यज्ञमान योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि यह मनुष्य जीवन हमें बार-बार नहीं मिलता है। अगर इस जीवन में भी हमनें अच्छे निष्काम कर्म करके अपनी आत्मा की उन्नति नहीं की तो हमारा पृथ्वी पर मनुष्य जन्म लेना व्यर्थ होगा।हमें अपना जन्मदिन यज्ञ के द्वारा ही मनाना चाहिए। केक काटना हमारी संस्कृति नहीं है। हमें अपनी भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में सहयोग करना चाहिए। आज हमारा युवा वर्ग अपनी संस्कृति को भूलता जा रहा है तथा पाश्चात्य संस्कृति को अपनाकर अपने जीवन को पतन के रास्ते पर ले जा रहा है। मैं आज अपने जन्मदिन पर युवाओं का आवाहन करता हूं कि वह यज्ञ और योग के मार्ग पर चलकर अपने जीवन का उत्थान करें और अपने माता-पिता अपने जिले और देश का नाम रोशन करें। इस अवसर पर ओम सिंह तोमर एडवोकेट पूर्व जिला महासचिव जिला बार संघ मुजफ्फरनगर, डॉक्टर जीत सिंह तोमर, नीरज बंसल ,डॉक्टर रामवीर बालियान, डॉक्टर अक्षय बालियान, ऋषि पाल, रविंद्र कविंदर बालियान,प्रदीप शर्मा, अंकुर मान, रजनी मलिक, राजेश, संगीता आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और प्रसाद वितरण तथा शांति पाठ के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ
मुजफ्फॅरनगर। यज्ञ और योग भारतीय संस्कृति के प्राण हैं। उक्त विचार भारतीय योग संस्थान के निशुल्क योग साधना केंद्र ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाई स्कूल मुजफ्फरनगर में संस्थान के प्रदेश कार्यकारणीय सदस्य योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य के जन्मदिन पर यज्ञ करते हुए यज्ञ के ब्रह्मा यज्ञ आर्य ने व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से हवन की अग्नि ऊपर की ओर जाती है ठीक उसी प्रकार से हमारा कर्तव्य बनता है कि यह मानव जीवन पाकर हम भी अपनी आत्मा की उन्नति करें। इस प्रकार से यज्ञ और योग के द्वारा अपने आप को जान कर ईश्वर उपासना करते हुए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने बताया कि ईश्वर सर्व व्यापक, सर्व अंतर्यामी, निराकार, अजर, अमर और सृष्टि का निर्माण करता है हमें ईश्वर की ही उपासना करनी चाहिए ।इस अवसर पर यज्ञ के यज्ञमान योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि यह मनुष्य जीवन हमें बार-बार नहीं मिलता है। अगर इस जीवन में भी हमनें अच्छे निष्काम कर्म करके अपनी आत्मा की उन्नति नहीं की तो हमारा पृथ्वी पर मनुष्य जन्म लेना व्यर्थ होगा।हमें अपना जन्मदिन यज्ञ के द्वारा ही मनाना चाहिए। केक काटना हमारी संस्कृति नहीं है। हमें अपनी भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में सहयोग करना चाहिए। आज हमारा युवा वर्ग अपनी संस्कृति को भूलता जा रहा है तथा पाश्चात्य संस्कृति को अपनाकर अपने जीवन को पतन के रास्ते पर ले जा रहा है। मैं आज अपने जन्मदिन पर युवाओं का आवाहन करता हूं कि वह यज्ञ और योग के मार्ग पर चलकर अपने जीवन का उत्थान करें और अपने माता-पिता अपने जिले और देश का नाम रोशन करें। इस अवसर पर ओम सिंह तोमर एडवोकेट पूर्व जिला महासचिव जिला बार संघ मुजफ्फरनगर, डॉक्टर जीत सिंह तोमर, नीरज बंसल ,डॉक्टर रामवीर बालियान, डॉक्टर अक्षय बालियान, ऋषि पाल, रविंद्र कविंदर बालियान,प्रदीप शर्मा, अंकुर मान, रजनी मलिक, राजेश, संगीता आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और प्रसाद वितरण तथा शांति पाठ के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ