⚫राहुकाल से बचाव⚫

🏴☠️👉राहु ही राहुकाल का अधिपति ग्रह है। यह बुरा फल देता है। पूरे दिन में डेढ़ घंटे का वक्त राहुकाल का होता है।
🏴☠️👉सूर्य के उगने से लेकर अस्त होने तक के वक्त का आठवां हिस्सा राहु का होता है। इसको ही राहुकाल माना जाता है। सूरज के उगने के वक्त, जगह और दिन के मुताबिक ही राहुकाल की गणना की जाती है। हर दिन (वार) राहुकाल का समय अलग होता है और दिन में ही राहुकाल लगता है।।
🏴☠️👉वैसे तो प्रत्येक वार को राहुकाल का समय अशुभ ही रहता है, लेकिन रविवार, मंगलवार और शनिवार के दिन राहुकाल के समय को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इन तीनों दिनों में राहुकाल के वक्त यह ग्रह ज्यादा असरदार होता है।
🏴☠️👉राहुकाल की जानकारी के लिए आप प्रतिदिन का दैनिक पंचांग देखें। और सावधानी बरतें।
🌑राहुकाल में ये कार्य नहीं करने चाहिए🌑
🔱➡️राहुकाल में कोई नया प्रोजेक्ट, एग्रीमेंट का काम या फिर नया कारोबार शुरू नहीं करना चाहिए।
🔱➡️इस समय कोई अहम व शुभ कार्य के लिए यात्रा नहीं करना चाहिए। इस समय के दौरान शुभ कार्य के लिए की हुई यात्रा में बड़ी समस्या आती है। अतः संभव हो सके तो यह इस समय यात्रा टाल देनी चाहिए।
🔱➡️विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य राहुकाल में नहीं किए जाने चाहिए।
🔱➡️ राहुकाल के दौरान वाहन, ज्वैलरी, प्रॉपर्टी या अन्य चीजों के लेनदेन व खरीद-बिक्री से बचना चाहिए।
🌑राहुकाल उपाय🌑
🎄👉अगर कोई काम आपके लिए करना जरूरी ही है, जो राहुकाल में आ रहा है तो श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें। और भगवान का चरणामृत व तुलसी दल व प्रसाद ग्रहण करके ही यात्रा प्रारंभ करें।
🎄👉मान्यताओं के मुताबिक, राहुकाल में यात्रा करने से पहले कुछ मीठा, पान या दही खाना चाहिए। ऐसा करने से राहु के बुरे प्रभाव कम होते हैं। पुरी तरह खत्म नहीं होता है।
🎄👉 कोई भी शुभ कार्य या यात्रा की शुरुआत राहुकाल के समय बचने का प्रयास करें। जिसकी जन्म कुंडली में राहु की दशा का प्रकोप हो उसे इससे बचने के लिए “ऊं राहुवे: नमः ” या ” ऊं नम: शिवाय” बीज मंत्र का उपयोग करें।
🎄👉 सात दिन का राहुकाल का लगभग डेढ़ घंटे का समय चक्र इस प्रकार का होता है ⤵️
🌹👉 राहुकाल ज्ञानाय समय चक्र 👈🌹
➡️ रविवार – सायंकाल -16:30 से 18:00 तक
➡️ सोमवार- प्रातःकाल -07:30 से 09:00 तक
➡️ मंगलवार -दिवाकाल -15:00 से 16:30 तक
➡️ बुधवार – दिवाकाल -12:00 से 13:30 तक
➡️ गुरुवार – दिवाकाल -13:30 से 15:00 तक
➡️ शुक्रवार- प्रातःकाल -10:30 से 12:00 तक
➡️ शनिवार -प्रातःकाल -09:00 से 10:30 तक
🌹🙏 ऊं राहुवे: नमः 🙏🌹
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