
आज दिनांक 27 सितंबर, 2023 को डी ए वी महाविद्यालय, मुजफ्फरनगर के प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में नशा मुक्ति अभियान के तहत एक संगोष्ठी का आयोजनकिया गया। संगोष्ठी के दौरान प्राचार्य प्रोफेसर संजीव कुमार ने कहा कि हमारे देश में आजकल लोगों में नशे की आदत काफी बड़ी मात्रा में देखी जा रही है। यहां तक की युवा वर्ग भी नशे की चपेट में कुछ इस प्रकार से आ रहा है कि उन्हें नशे के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं देता है। इसीलिए सरकार द्वारा लोगों को नशे से बचाने के लिए नशा मुक्त भारत अभियान को चालू किया गया है, जिसके अंतर्गत सरकार लोगों को नशे से छुटकारा दिलाने के लिए काफी प्रयास कर रही है, परंतु सिर्फ गवर्नमेंट ही नहीं बल्कि हमें भी इसमें सहयोगी बनना होगा।कार्यक्रम अधिकारी डॉ रचना त्यागी ने कहा कि आज के दौर में युवा वर्ग के बीच नशे के सेवन करने का प्रचलन बढ़ गया है। कुछ लोग तो ऐसे हैं जो देखा देखी नशे का सेवन करना चालू करते हैं, वह ऐसा करने पर अपनी शान समझते हैं, हालांकि उन्हें यह नहीं पता होता है कि वह किस प्रकारके दलदल में धीरे-धीरे फंसते जा रहे हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें नशा करने के नुकसान के बारे में जानकारी दी जा सके, ताकि वह इससे बचे रहें और इस दलदल में ना फंसे। कार्यक्रम अधिकारी डॉ चारू त्यागी ने कहा कि दारु, शराब, बीड़ी, बियर, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट यह कुछ ऐसे नशे है जिनका सेवन आज भारत में काफी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। हालांकि यह चिंता और भी ज्यादा अब इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि अब भारत की युवा पीढ़ी भी धीरे-धीरे नशे का सेवन करने लगी है। इसके बाद उन्होंने सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।

