CM योगी ने प्रतापगढ़ DM को तत्काल हटाने का दिया निर्देश, लखनऊ-बलिया सहित 6 जिलाधिकारियों को फटकारा, अब तैयार होगा SDM का भी रिपोर्ट कॉर्ड

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कल रात CM योगी ने 75 जिलों के मंडलायुक्त, DM-SP और SDM के साथ 2 घंटे वर्चुअल मीटिंग की। पहली बार सभी तहसीलों के SDM मीटिंग में शामिल हुए। CM ने 53 योजनाओं में डैशबोर्ड के रिकॉर्ड में रैंकिंग और ग्रेडिंग के आधार पर DM-SP को फटकार लगाई। लखनऊ, बलिया, औरैया, सहारनपुर, गोंडा और बागपत के DM को लास्ट वॉर्निंग दी।

वहीं, सीएम ने प्रतापगढ़ में राजस्व मामले में पेंडिंग कार्य की फाइल देखकर जिले के DM प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। अपने बचाव में DM ने तर्क देते हुए कहा कि हमारे यहां आंदोलन बहुत हुए, इसलिए हम इन कार्यों को नहीं कर पाए। जवाब सुनते ही योगी भड़क गए। उन्होंने DM को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। CM ने SDM के इलाके में होने वाली लापरवाही को लेकर सख्त हिदायत दी। CM ने कहा कि अगली बैठक में सभी SDM अपनी जवाबदेही तय करेंगे। जिले में कौन सी तहसील में सबसे ज्यादा खराब परफॉर्मेंस है। उसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। लापरवाह SDM के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, CM ने डैशबोर्ड के रिकॉर्ड और कार्य को देखते हुए टॉप 10 नॉन परफॉर्मेंस DM की क्लास लगाई। मीटिंग में बलिया के DM को जमकर फटकारा गया। लखनऊ जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार राजस्व के तीन मामलों में ज्यादा फिसड्डी मिले। डीएम लखनऊ ने जल्द काम पूरा कर लेने का वादा किया। बैठक में CM ने राजस्व मामलों के निस्तारण में खराब प्रदर्शन वाले जिलों के DM को सख्त हिदायत दी। CM ने कहा कि सभी अफसर अपने जिले में लंबित मामलों को शून्य करें। राजस्व मामलों से संबंधित सभी कर्मचारियों की हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

CM ने बलिया, प्रतापगढ़, जौनपुर, गोंडा और मऊ के DM को उनके यहां लंबित मामलों को जल्द से जल्द शून्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पैमाइश, वरासत, उत्तराधिकार/नामांतरण, कृषक भूमि का गैर-कृषक भूमि में परिवर्तन को नीयत समय में पूरा करें।

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