यदि कोई व्यक्ति कभी किसी घोर संकट में फंस गया हो उसको सभी मदद के दरवाजे बंद नजर आ रहे हो अगर उसकी खुद की परछाई भी उसका साथ ना दे पा रही हो ऐसे सर्वथा विपरीत परिस्तिथि में भी अगर वह माँ भगवती के शरण में चला जाये और यह उनकी दुर्गा द्वात्रिंशन्नाममाला अर्थात माँ दुर्गा के अति शक्तिशाली 32 नामों का जप नियमपूर्वक करें तो उसकी निश्चित ही सभी शत्रुओ से रक्षा हो जाती है ।

इस उपाय के बारे में स्वयं माँ दुर्गा ने कहा है की ’’जो मानव नित्य मेरे इन नामों का उच्चारण करेगा वह हर शत्रु हर प्रकार के भय से हमेशा मुक्त रहेगा। “
माँ दुर्गा के इन नामो का जप पूर्ण श्रद्धा से करना चाहिए और मन में किसी भी प्रकार की शंका नहीं होनी चाहिए ।
माँ दूर्गा के ३२ नाम
दूर्गा , दुर्गातिश्मनी , दुर्गापद्धिनिवारिणी , दुर्गमच्छेदिनी , दुर्गसाधिनी , दुर्गनाशिनी , दुर्गतोद्वारिणी , दुर्गनिहन्त्री , दुर्गमापहा , दुर्गमज्ञानदा, दुर्गदैत्यलोकदाव्नला ,, दुर्गमा ,दुर्गमालोका , दुर्ग्मात्मस्वरुपिणी , दुर्गमार्गप्रदा , दुर्गमविद्या , दुर्गमाश्रिता , दुर्गमज्ञानसंस्थाना , दुर्गमध्यांन्भासिनी, दुर्गमोहा , दुर्गमगा ,दुर्गमार्थस्वरुपिणी , दुर्गमासुरसंहत्री, दुर्गामयुध्धारिणी ,दुर्गमांगी ,दुर्गमता ,दुर्गम्या, दुर्गमेश्वरी , दुर्गभीमा , दुर्गभामा , दुर्गभा , दुर्गदारिणी , नामावलिमिमां यस्तु दुर्गाया मम मानवरू , पठेत सर्वभायान्मुक्तों भविष्यति ना संशय ।।
प्रात: स्नान करने के बाद माँ दुर्गा को रोली का लाल तिलक लगाकर, लाल फूल, गुड़, शहद लौंग, इलाइची चढ़ाकर, धूप अगरबत्ती जलाकर लाल आसान पर बैठकर इन नामो का जाप करने से तेज और आत्मबल बढ़ता है, मन से किसी भी प्रकार का भय दूर होता है शत्रु निस्तेज होने लगते है।
माँ के इन चमत्कारी नामो को आप अपने कार्यक्षेत्र में किसी भी जगह में बैठकर भी पढ़ सकते है। इन नामो का नित्य अधिक से अधिक / 11 बार अवश्य ही जाप करें ।
माँ दुर्गा के इन नामो का नित्य जाप करते रहने से समस्त भय और संकट दूर रहते है , तेज निर्भयता की प्राप्ति होती है समाज में उच्च स्थान प्राप्त होता है!!
पं. अनिल भट्ट भारद्वाज
मुजफ्फनगर
